महत्वपूर्ण लेख-
खाने और घूमने पर खुलकर खर्च कर रहे भारतीय
कोरोना के बाद बदला खर्च का गणित,
अनुभवों पर बढ़ रहा निवेश
महंगाई बढ़ रही है, पेट्रोल-डीजल महंगे हैं, खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, फिर भी भारतीयों के घूमने-फिरने और खाने-पीने के शौक में कमी नहीं आई है। कोरोना महामारी के बाद देश में घरेलू पर्यटन, धार्मिक यात्राओं और बाहर भोजन करने की प्रवृत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। अब भारतीय केवल बचत करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन के अनुभवों पर भी खुलकर खर्च कर रहे हैं।
भारतीयों की बदलती प्राथमिकताएं
ए-2024 में घरेलू पर्यटन खर्च महामारी पूर्व स्तर से अधिक
बी-बिरयानी लगातार सबसे अधिक ऑर्डर किया जाने वाला भोजन
सी-धार्मिक पर्यटन सबसे तेजी से बढ़ता क्षेत्र
डी-युवा वर्ग आय का बड़ा हिस्सा अनुभवों पर खर्च कर रहा
ई-वीकेंड ट्रिप और शॉर्ट वेकेशन का चलन बढ़ा
एफ-ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार में लगातार विस्तार
जी-डिजिटल भुगतान ने खर्च को आसान बनाया
खानपान-स्वाद पर बढ़ता खर्च
पिछले दस वर्षों में भारतीयों के खानपान की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। पारंपरिक भोजन आज भी पसंदीदा है, लेकिन उसके साथ-साथ फास्ट फूड, कैफे संस्कृति और फूड डिलीवरी सेवाओं ने बाजार का आकार कई गुना बढ़ा दिया है।
सबसे लोकप्रिय व्यंजन
✔ बिरयानी
✔ डोसा
✔ छोले-भटूरे
✔ पिज्जा
✔ मोमोज
✔ पावभाजी
✔ बटर चिकन
विशेषज्ञों के अनुसार शहरी भारत में बाहर खाने का खर्च पहले की तुलना में दोगुना तक बढ़ा है।
घूमने की नई संस्कृति
पहले परिवार साल में एक बार लंबी छुट्टी पर जाते थे। अब लोग छोटी-छोटी यात्राएं अधिक करने लगे हैं।
सबसे लोकप्रिय पर्यटन श्रेणियां
कोरोना के बाद बदला खर्च का गणित,
अनुभवों पर बढ़ रहा निवेश
महंगाई बढ़ रही है, पेट्रोल-डीजल महंगे हैं, खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, फिर भी भारतीयों के घूमने-फिरने और खाने-पीने के शौक में कमी नहीं आई है। कोरोना महामारी के बाद देश में घरेलू पर्यटन, धार्मिक यात्राओं और बाहर भोजन करने की प्रवृत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। अब भारतीय केवल बचत करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जीवन के अनुभवों पर भी खुलकर खर्च कर रहे हैं।
भारतीयों की बदलती प्राथमिकताएं
ए-2024 में घरेलू पर्यटन खर्च महामारी पूर्व स्तर से अधिक
बी-बिरयानी लगातार सबसे अधिक ऑर्डर किया जाने वाला भोजन
सी-धार्मिक पर्यटन सबसे तेजी से बढ़ता क्षेत्र
डी-युवा वर्ग आय का बड़ा हिस्सा अनुभवों पर खर्च कर रहा
ई-वीकेंड ट्रिप और शॉर्ट वेकेशन का चलन बढ़ा
एफ-ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार में लगातार विस्तार
जी-डिजिटल भुगतान ने खर्च को आसान बनाया
खानपान-स्वाद पर बढ़ता खर्च
पिछले दस वर्षों में भारतीयों के खानपान की आदतों में बड़ा बदलाव आया है। पारंपरिक भोजन आज भी पसंदीदा है, लेकिन उसके साथ-साथ फास्ट फूड, कैफे संस्कृति और फूड डिलीवरी सेवाओं ने बाजार का आकार कई गुना बढ़ा दिया है।
सबसे लोकप्रिय व्यंजन
✔ बिरयानी
✔ डोसा
✔ छोले-भटूरे
✔ पिज्जा
✔ मोमोज
✔ पावभाजी
✔ बटर चिकन
विशेषज्ञों के अनुसार शहरी भारत में बाहर खाने का खर्च पहले की तुलना में दोगुना तक बढ़ा है।
घूमने की नई संस्कृति
पहले परिवार साल में एक बार लंबी छुट्टी पर जाते थे। अब लोग छोटी-छोटी यात्राएं अधिक करने लगे हैं।
सबसे लोकप्रिय पर्यटन श्रेणियां
धार्मिक पर्यटन
काशी
अयोध्या
वैष्णो देवी
उज्जैन
तिरुपति
पर्वतीय पर्यटन
मनाली
शिमला
नैनीताल
मसूरी
विरासत पर्यटन
जयपुर
उदयपुर
जोधपुर
समुद्री पर्यटन
गोवा
पुडुचेरी
कोच्चि
कोरोना के बाद क्या बदला?
महामारी ने लोगों को यह एहसास कराया कि जीवन अनिश्चित है। यही कारण है कि महामारी के बाद लोगों ने अनुभवों पर खर्च बढ़ा दिया।
पहले
विदेश यात्राओं का आकर्षण
बड़ी समूह यात्राएं
लंबी छुट्टियां
अब
घरेलू पर्यटन
परिवार केंद्रित यात्राएं
वीकेंड ट्रिप
रोड ट्रिप
धार्मिक यात्राएं
महंगाई का असर कितना?
महंगाई का असर साफ दिखाई देता है, लेकिन उसने यात्रा और खानपान की इच्छा को कम नहीं किया।
लोगों ने क्या बदला?
✔ महंगे होटल की जगह बजट होटल
✔ लंबी यात्रा की जगह छोटी यात्रा
✔ हवाई यात्रा की जगह रेल या सड़क यात्रा
✔ महंगे रेस्तरां की जगह मूल्य आधारित विकल्प
✔ ऑफ-सीजन पर्यटन
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय उपभोक्ता अब अनुभवों को प्राथमिकता दे रहा है। युवा वर्ग अपनी आय का बड़ा हिस्सा यात्रा और मनोरंजन पर खर्च करने को तैयार है। अर्थशास्त्रियों की राय में महंगाई ने खर्च की दिशा बदली है, लेकिन खर्च की इच्छा नहीं। भारतीय उपभोक्ता खर्च रोकने की बजाय उसे पुनर्गठित कर रहा है।
युवा बने बदलाव के वाहक
18 से 35 वर्ष आयु वर्ग आज सबसे बड़ा उपभोक्ता वर्ग है। सोशल मीडिया के प्रभाव से लोग नई जगहें खोज रहे हैं, स्थानीय व्यंजन आजमा रहे हैं, यात्रा अनुभव साझा कर रहे हैं, ‘वर्क फ्रॉम एनीवेयर’ का लाभ उठा रहे हैं।
फैक्ट फाइल
पिछले दशक की प्रमुख प्रवृत्तियां
क्षेत्र 2015 2025-26
बाहर खाना सीमित सामान्य जीवनशैली
ऑनलाइन फूड ऑर्डर शुरुआती चरण व्यापक उपयोग
धार्मिक पर्यटन स्थिर तेज वृद्धि
वीकेंड ट्रिप कम अत्यधिक लोकप्रिय
डिजिटल भुगतान सीमित लगभग सर्वव्यापी
भारतीय समाज एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बचत और सुरक्षा के साथ-साथ अब आनंद और अनुभव भी जीवन की प्राथमिकताओं में शामिल हो चुके हैं। यही कारण है कि बढ़ती महंगाई के बावजूद पर्यटन स्थलों पर भीड़ है, रेस्तरां भरे हुए हैं और यात्रा उद्योग लगातार विस्तार कर रहा है। आने वाले वर्षों में यह प्रवृत्ति भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाली साबित हो सकती है। महंगाई जेब पर असर डाल सकती है, लेकिन घूमने और अच्छा खाने की इच्छा पर नहीं। आज का भारतीय उपभोक्ता वस्तुओं से अधिक अनुभवों में निवेश कर रहा है। कोरोना ने लोगों को जीवन जीने का महत्व समझाया, और यही पर्यटन व खानपान क्षेत्र की नई ऊर्जा का आधार बना है।
लेखक
डाॅ. चेतन आनंद
(कवि एवं पत्रकार)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें