बुधवार, 17 सितंबर 2025

दिल्ली-एनसीआर में पार्किंगः समस्या, समाधान और सरकारी प्रयास



दिल्ली-एनसीआर के हर बड़े शहर में पार्किंग समस्या अलग-अलग रूप में है। कहीं यह व्यावसायिक इलाकों में गंभीर है तो कहीं रिहायशी कॉलोनियों में। सरकारें और विकास प्राधिकरण लगातार मल्टी-लेवल पार्किंग, स्मार्ट पार्किंग ऐप्स और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देकर समाधान खोजने में लगे हैं। परंतु सफलता तभी मिलेगी जब नागरिक भी नियमों का पालन करेंगे, अवैध पार्किंग से बचेंगे और निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन को अपनाएँगे। आइये देखते हैं दिल्ली-एनसीआर में पार्किंग की तिनी समस्या है। इसका क्या समाधान है और इसके लिए सरकारों ने क्या-क्या प्रयास किये हैं-

1. दिल्ली (एनसीआर)
समस्या

दिल्ली में पंजीकृत वाहन लगभग 1.4 करोड़ से अधिक हैं।
अधिकांश कॉलोनियों और बाजारों में पार्किंग स्थल नहीं हैं।
अवैध ऑन-स्ट्रीट पार्किंग से ट्रैफिक जाम और प्रदूषण बढ़ता है।
समाधान
स्मार्ट पार्किंग प्रबंधन प्रणाली (एप के ज़रिए स्लॉट बुकिंग)। मल्टी-लेवल पार्किंग (कनॉट प्लेस, करोल बाग, सरोजिनी नगर आदि)। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विस्तार (मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसें)।
सरकारी प्रयास
1-दिल्ली सरकार ने पार्किंग पॉलिसी 2019 लागू की, जिसमें कॉलोनियों और व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए पार्किंग शुल्क और प्रबंधन के प्रावधान हैं।
2-कई मल्टी-लेवल पार्किंग पहले से बन चुकी हैं और नई योजनाएँ जारी हैं।
3-ई-चालान और कैमरा आधारित निगरानी से अवैध पार्किंग पर कार्रवाई।

2. नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)
समस्या

तेजी से बढ़ती आबादी और कॉर्पोरेट सेक्टर के कारण गाड़ियों की संख्या बहुत अधिक। सेक्टर-18, सेक्टर-62, फिल्म सिटी जैसे क्षेत्रों में पार्किंग भारी समस्या।
समाधान
ऑटोमैटिक मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण (सेक्टर-18 में तैयार, अन्य सेक्टरों में योजना)। मार्केट एरिया में पार्किंग स्लॉट को डिजिटली बुक करने की सुविधा।
सरकारी प्रयास
1-नोएडा अथॉरिटी ने कई मल्टी-लेवल पार्किंग प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।
2-पब्लिक ट्रांसपोर्ट (मेट्रो, बसें) को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि निजी वाहनों का दबाव घटे।

3. ग़ाज़ियाबाद
समस्या

पुराने बाजार (तुराबनगर, नंदग्राम, घंटाघर आदि) में अवैध पार्किंग। रिहायशी कॉलोनियों में पार्किंग स्थल नहीं, लोग सड़क पर गाड़ियाँ खड़ी करते हैं।
समाधान
मेट्रो स्टेशनों और रेलवे स्टेशन के पास पार्क-एंड-राइड की सुविधा। मार्केट में मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण।
सरकारी प्रयास
ग़ाज़ियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने कई नई पार्किंग योजनाएँ स्वीकृत की हैं। पुलिस नियमित रूप से टोइंग और चालान कर रही है।

4. गुरुग्राम (हरियाणा)
समस्या

आईटी हब और कॉर्पोरेट ऑफिसों में लाखों कर्मचारी आते-जाते हैं। साइबर सिटी, एमजी रोड, सोहना रोड और पुराने गुरुग्राम में पार्किंग संकट गंभीर। अवैध पार्किंग से रोज़ ट्रैफिक जाम।
समाधान
स्मार्ट पार्किंग प्रबंधन (एप आधारित स्लॉट बुकिंग)। कॉर्पोरेट भवनों को पर्याप्त पार्किंग स्थान उपलब्ध कराना अनिवार्य।
सरकारी प्रयास
1-गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी ने अवैध पार्किंग “हॉटस्पॉट्स” चिन्हित किए हैं।
2-कई जगह पब्लिक पार्किंग स्थल विकसित किए जा रहे हैं।
3-स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक पार्किंग समाधान।

5. फरीदाबाद
समस्या

औद्योगिक क्षेत्रों और बाजारों में पार्किंग स्थान की भारी कमी। कॉलोनियों में वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं।
समाधान
औद्योगिक इलाकों में डेडिकेटेड पार्किंग कॉम्प्लेक्स। कॉलोनियों में नियोजित पार्किंग स्थल।
सरकारी प्रयास
1-नगर निगम ने स्मार्ट पार्किंग सिस्टम की योजना बनाई है।
2-पुराने वाहनों को हटाने की दिशा में अभियान चल रहा है, जिससे पार्किंग और प्रदूषण दोनों की समस्या कम हो।

6. मेरठ
समस्या

संकरी गलियों वाले बाजारों (बेगमपुल, सदर बाजार) में पार्किंग संकट। अवैध पार्किंग से जाम आम समस्या है।
समाधान
शहर में कई मल्टी-लेवल पार्किंग की योजना। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के पास पार्क-एंड-राइड सुविधा।
सरकारी प्रयास
1-मेरठ स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत पार्किंग समाधान पर काम।
2-नगर निगम द्वारा अवैध पार्किंग पर नियमित अभियान।

7. सोनीपत और अन्य एनसीआर शहर
समस्या

तेजी से शहरीकरण, नई कॉलोनियों और औद्योगिक क्षेत्रों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं। बाजार और हाइवे किनारे गाड़ियों की अव्यवस्थित खड़ी।
समाधान
नगर निगम स्तर पर मल्टी-लेवल पार्किंग का विकास। इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में ट्रक और वाणिज्यिक वाहनों के लिए विशेष पार्किंग।
सरकारी प्रयास
1-सोनीपत स्मार्ट सिटी परियोजना में पार्किंग सुविधाओं पर बल।
2-नगर परिषद द्वारा पार्किंग शुल्क लागू करने के प्रयास।





लेखक
डॉ. चेतन आनंद
(कवि-पत्रकार)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें